जो लोग रोने के आदी होते हैं, वो मुस्कुराने में माहिर बन जाते हैं।
कभी सोचा था, दूर जाने के बाद तुमसे नफरत करेंगे,
वो जो उम्मीदें थीं, अब ख़त्म हो चुकीं हैं,
सन्नाटों में हमारी बातें गुमनाम हो गए।
तेरा नाम तक अब जुबां पर नहीं लाते, पर तेरा ख्याल दिल से जाता ही नहीं।
जिंदगी भी अब हो गई है बेमकसद और नाराज़।
कभी-कभी हंसते हंसते इतना दर्द छुपा लेते हैं, कि खुद भी भूल जाते हैं कि अंदर कितने टूटे हैं।
वो जो कहते थे Sad Shayari कभी तुम्हें छोड़ नहीं सकते, आज उन्होंने ही हमें छोड़ दिया।
क्योंकि डर है कहीं तुम ये न समझो, कि हम तुम्हें भूल चुके हैं।
Human figurines जैसे thoughtful decor भी self-reflection में मदद करते हैं
जख्म दिल के पुराने, दर्द अभी भी ताज़ा है,
कभी नहीं जाना था कि तुमसे इतनी मोहब्बत होगी,
मोहब्बत अधूरी रह जाए तो दर्द देती है, पर अगर पूरी हो जाए और फिर टूटे, तो जान ही ले लेती है।
कभी-कभी खुद को ही खो देता हूँ, तेरी यादों में डूबकर।